मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायकों की ओर से उठाए गए जन समस्याओं को अधिकारी पूरी गंभीरता से लें। विधानसभा क्षेत्रों की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी विधायकों के साथ लगातार बातचीत करें। राज्य की सभी 70 विधानसभाओं के तहत की गई घोषणाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन-प्रशासन और विधानसभा क्षेत्र के बीच ब्रिज की भूमिका में कार्य करने के लिए अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए। दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में टिहरी लोकसभा क्षेत्र की विधानसभाओं में मुख्यमंत्री घोषणाओं और अन्य कार्यों की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने बैठक के दौरान मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि हर विधानसभा में चल रही तमाम कार्यों की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर भी की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव भी विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए अपने विभागों की लगातार समीक्षा करें। सीएम खुद हर तीन महीने में हर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक में विधायकों ने अपनी विधानसभा से संबंधित जो जन समस्याएं रखी गई हैं, उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी अगले एक हफ्ते के भीतर संबंधित विधायकों और मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
सीएम ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। ताकि जनहित से जुड़े कामों में बेवजह कोई देरी न हो। सीएम ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के बाद सभी निर्माण संबंधित कामों में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी विधायकों से कहा कि अपनी विधानसभा क्षेत्र में लघु, मध्य और दीर्घ अवधि में पूरे होने वाले कार्यों का प्रस्ताव भेजें। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन योजनाओं का लगातार मॉनिटरिंग की जाए और तय समय के भीतर योजनाओं को पूरा किया जाए।
बैठक के दौरान विधायकों की ओर से सड़क मार्गों के निर्माण और चौड़ीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं, जलभराव की समस्या के समाधान, सौंदर्यीकरण के कार्यों, सिंचाई के लिए पानी, ड्रेनेज व सीवरेज की समस्या, तटबंध निर्माण, नालों के निर्माण कार्य समेत अन्य समस्याएं रखी गईं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि टिहरी लोकसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से 469 घोषणाएं की गई है जिसमें से 305 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, बाकी घोषणाओं पर काम जारी है।
वही, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्र की जिन समस्याओं से अवगत कराया गया है, उन पर तत्काल कार्यवाही की जाए। घोषणाओं से संबंधित मामलों में कार्यवाही की सूचना संबंधित विधायकों और घोषणा प्रकोष्ठ को दी जाए। उन्होंने दोनों मण्डलायुक्तों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान के लिए विधायकगणों, सचिवों और जिलाधिकारियों के बीच ब्रिज का काम करे।