पर्वतीय विकास, रोजगार व आधारभूत ढांचे पर केंद्रित रहा बजट पूर्व संवाद।

उत्तराखंड शासन उत्तराखण्ड व्यापार

पौड़ी। पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में रांसी बहुउद्देश्यीय भवन में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम हुआ। जनप्रतिनिधियों, किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों व हितधारकों ने आगामी बजट के लिए सुझाव दिए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट जमीनी आवश्यकताओं व जनअपेक्षाओं पर आधारित रोडमैप बनेगा। समाज के हर वर्ग—पर्यटन, व्यापार, महिला समूह, किसान व उद्योगों—की अपेक्षाएं इसमें परिलक्षित होंगी। प्राप्त व्यावहारिक सुझाव नीतियों में शामिल होंगे।

बजट निर्माण पारदर्शी व सहभागी होगा, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे। उत्तराखंड व्यापार, उद्योग, पर्यटन, कृषि व महिला सशक्तिकरण में प्रगति कर रहा। होमस्टे, स्वरोजगार व निवेश से रोजगार बढ़ा। किसानों को उद्यमी, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य। 2047 तक आत्मनिर्भर राज्य का संकल्प दोहराया। जनसहभागिता से बजट विकास को गति देगा।

ग्रामीण विकास: अनुदान वृद्धि, अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय, पंचायत सशक्तिकरण, बंजर भूमि उपयोग, सोलर प्लांट। शहरी: नगर निकाय संसाधन, सोलर सिटी, पार्किंग, सफाई। कृषि: पर्वतीय फसलें, वन्यजीव सुरक्षा, कोल्ड स्टोरेज, क्लस्टर खेती, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण केंद्र। उद्योग: सब्सिडी, ब्याज अनुदान, आईटीआई से लिंकेज, पलायन रोक। महिला: प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज-मुक्त ऋण। पर्यटन: होमस्टे ऋण, हैली सेवा, वैकल्पिक मार्ग, एग्री-टूरिज्म। अन्य: ऊर्जा नेटवर्क, कर राहत, ऐतिहासिक स्थल संरक्षण।

विधायक राजकुमार पोरी ने पर्वतीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकता की बात कही। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने जनभावनाओं पर आधारित बजट का उद्देश्य बताया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सुझावों की सराहना की। 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर आरती भंडारी व अन्य शामिल।