चमोली। उत्तराखंड के दुर्गम और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” राज्य के साहसिक पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय बनकर उभरा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने न सिर्फ प्रतिभागियों की शारीरिक और मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन विकास, स्थानीय भागीदारी और नागरिक–सैन्य समन्वय का भी जीता-जागता उदाहरण पेश किया।
यह अल्ट्रा रन ऊँची चोटियों, बर्फीली हवाओं और चुनौतीपूर्ण भू-आकृतिक परिस्थितियों के बीच आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ‑मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर दौड़ के साथ-साथ माउंटेन बाइक (एमटीबी) चैलेंज जैसी कई श्रेणियाँ शामिल रहीं। प्रतिभागियों को समुद्र तल से हजारों फीट की ऊँचाई, कम ऑक्सीजन, खड़ी चढ़ाइयां, पथरीले मार्ग और बदलते मौसम से जूझना पड़ा।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग और भारतीय सेना के संयुक्त प्रयासों से आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। सीमित संसाधनों तथा कठिन पहुंच वाले क्षेत्र में सेना ने टेंट, भोजन, मार्ग सुरक्षा, संचार नेटवर्क और आपातकालीन व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंध किया। आयोजन में भारतीय सेना की अनुशासनबद्ध और योजनाबद्ध भूमिका को आयोजकों व प्रतिभागियों ने सराहा।
आयोजन के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। रूट पर कई मेडिकल पोस्ट तैनात किए गए थे तथा डॉक्टर, पैरामेडिक्स, ऑक्सीजन सिलेंडर, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध कराई गई। निरंतर स्वास्थ्य निगरानी से आयोजक किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटने में सक्षम रहे।
प्रतियोगिता से स्थानीय समुदाय को आर्थिक लाभ हुआ। होमस्टे, स्थानीय दुकानदार, परिवहन और खाद्य सेवाओं के साथ‑साथ गाइडों को भी मांग बढ़ने का सीधा लाभ मिला। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सामुदायिक उत्सव का रूप दिया। आयोजकों का कहना है कि इससे नीति घाटी के ग्रामीणों में आत्मविश्वास और अपने क्षेत्र की राष्ट्रीय मान्यता की भावना मजबूत हुई है।
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन ने नीति घाटी को केवल सामरिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म और उच्च हिमालयी खेल गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में भी प्रस्तुत किया। आयोजक उम्मीद जताते हैं कि यह इवेंट स्थानिय लोगों के लिए दीर्घकालिक रोजगार सृजन, आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यटन की स्थायी संभावनाओं को बढ़ाएगा। आगे चलकर इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने की भी संभावनाएं तलाशने की योजना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजन की सफलता पर संतोष जताते हुए कहा कि सही योजना, समन्वय और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से दुर्गम क्षेत्रों में भी बड़े स्तर के आयोजनों को सफल बनाया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के सहयोग के लिए आयोजकों तथा प्रतिभागियों ने खास तौर पर भारतीय सेना की तारीफ की।
