कुंभ मेला-2027 के लिए सीएम ने 234.55 करोड़ की 34 परियोजनाओं का किया शिलान्यास।

उत्तराखंड शासन उत्तराखण्ड धार्मिक परिवहन पर्यटन

हरिद्वार। पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ मेला नियंत्रण भवन में 234.55 करोड़ रुपये की लागत से 34 प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास किया। ये स्थायी प्रकृति के कार्य कुंभ मेला-2027 के सफल, सुरक्षित व सुव्यवस्थित आयोजन के साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालिक विकास को सशक्त बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुंभ को दिव्य व भव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें सभी विभाग समन्वय से कार्य करेंगे।

अपर गंगा नहर के दाएं-बाएं तट पर घाटों का निर्माण व पुनर्विकास होगा। 90 मीटर स्पैन का कम्पोजिट स्टील गर्डर द्वि-लेन सेतु बनेगा। तीन अस्थायी पुलों की स्थापना, मरम्मत व रखरखाव सुनिश्चित कर श्रद्धालुओं को स्नान व आवागमन में सुगमता मिलेगी। ये कार्य गंगा घाटों को मजबूत बनाकर सुरक्षा बढ़ाएंगे।

बहादराबाद-सिडकुल मार्ग का चार लेन चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-334 (दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून) का विस्तार, नगर क्षेत्र में बीसी नवीनीकरण, फुटपाथ व सौंदर्यीकरण शामिल। हरिद्वार मास्टर प्लान के तहत प्रशासनिक रोड कॉरिडोर विकसित होगा। लाखों श्रद्धालुओं के दबाव में यातायात सुगम बनेगा। पंपिंग जलापूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन, 1500 केएल ओवरहेड टैंक व ट्यूबवेल निर्माण होगा। पांच 10 मीटर व्यास आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन कुओं से स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित। मेले के दौरान जल संकट टलने से स्वास्थ्य व स्वच्छता मजबूत होगी।

चंडी देवी व मनसा देवी मंदिर मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधाएं विकसित होंगी। बैरक व औषधि भंडारण कक्ष, मेला नियंत्रण भवन का नवीनीकरण व अतिरिक्त बैरक बनेंगे। ये प्रोजेक्ट्स सुरक्षा, स्वास्थ्य व प्रबंधन को चाक-चौबंद करेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुंभ तैयारियों की समीक्षा बैठक भी की, जहां अक्टूबर तक सभी कार्य पूरा करने व थर्ड पार्टी ऑडिट पर बल दिया।

ये परियोजनाएं न केवल 2027 अर्धकुंभ को ऐतिहासिक बनाएंगी, बल्कि गंगा कॉरिडोर, पार्किंग व सांस्कृतिक हब के जरिए हरिद्वार को पर्यटन हब के रूप में स्थापित करेंगी। 670 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले मेले के लिए ये बुनियादी ढांचे दीर्घसूत्री लाभ देंगे। शिलान्यास के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व सुबोध उनियाल, पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे।