साल 2026: सुशासन, विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में धामी सरकार। 

उत्तराखंड शासन उत्तराखण्ड

नए साल का आगाज हो चुका है ऐसे में अब उत्तराखंड सरकार नए साल पर नई रणनीतियां के तहत आगे बढ़ाने की कवायत में जुट गई है। जहां एक और राज्य सरकार पहले ही सभी विभागों को इस बाबत निर्देश दे चुकी है कि नए साल से बेहतर कार्य योजना के साथ योजनाओं को धरातल पर उतर जाए।तो वहीं, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि साल 2026 योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने, जमीनी बदलाव के साथ ही जनता की आय को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। साथ ही साल 2026 की कार्ययोजना सुशासन, समावेशी विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता, कृषि–उद्यानिकी सशक्तिकरण और पर्यावरण संतुलन के इर्द-गिर्द केंद्रित रहेगा।

उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य या शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-आधारित बनाना है। साल 2026 में ई-गवर्नेंस को सभी विभागों में अनिवार्य रूप से लागू करते हुए डिजिटल फाइल सिस्टम, ऑनलाइन सेवाओं और समयबद्ध डिलीवरी को सशक्त किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण और सेवाओं की तय समय-सीमा में उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती देना साल 2026 के एजेंडे का अहम हिस्सा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल परियोजना, हेली सेवाओं का विस्तार और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और आपात सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके।

साल 2026 में धामी सरकार का सबसे सशक्त फोकस कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी को आय बढ़ाने का मुख्य जरिया बनाना है। इसके तहत पॉलीहाउस खेती, कीवी उत्पादन, हाई वैल्यू फसलों और सेब–कीवी नीति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस आधारित खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी, जिससे किसान वर्षभर सब्ज़ी, फूल और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें उगा सकें। पॉलीहाउस के लिए अनुदान, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

इसी तरह, कीवी मिशन/कीवी नीति के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख कीवी उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कीवी की खेती से कम भूमि में अधिक आय, बेहतर बाजार मूल्य और निर्यात की संभावनाएँ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी। इसके साथ ही सेब, नाशपाती, अखरोट और अन्य पहाड़ी फलों की वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि खेती से आय को दोगुना करने की दिशा में उद्यानिकी को मुख्य हथियार बनाया जाए, जिससे पलायन रुके और गांवों में ही रोजगार के अवसर सृजित हों।

यही नहीं, साल 2026 में राज्य सरकार की रणनीति है कि पर्यटन को आर्थिक इंजन के रूप में विकसित किया जाए। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ विंटर टूरिज्म, साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से पर्यटन आधारित रोजगार सृजन पर विशेष जोर रहेगा।

राज्य सरकार ने साल 2026 में सरकारी भर्तियों को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और नकलमुक्त बनाए रखने का संकल्प दोहराया है। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए स्टार्टअप, आईटी पार्क, उद्योग और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

समान नागरिक संहिता (UCC) के बेहतर ढंग से लागू करने के साथ महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी योजना और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित कर महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हिमालयी पारिस्थितिकी का संरक्षण, नदियों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वनों की सुरक्षा और आपदा पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करना सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

कुल मिलाकर साल 2026 उत्तराखंड सरकार के लिए नीतियों से परिणाम का वर्ष होगा। उद्यानिकी, पॉलीहाउस और कीवी जैसी उच्च आय वाली योजनाओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संतुलित विकास वाला राज्य बनाना है, जहाँ विकास और प्रकृति साथ-साथ आगे बढ़ें और हर नागरिक को समान अवसर मिले। साल 2026 उत्तराखंड के लिए परिणाम दिखाने का साल होगा। ऐसे में सरकार का उद्देश्य है कि सुशासन का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे। पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस खेती, कीवी, सेब और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देकर हम किसानों की आय को बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।

वही, सीएम धामी ने कहा कि युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के साथ-साथ स्टार्टअप, उद्योग और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देंगे। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड सशक्त, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकास के अवसरों से भरपूर राज्य बने जहां किसान समृद्ध हों, युवा आशावान हों और महिलाएं मुख्यधारा में सहभागी बनें।