उत्तराखंड में वन क्षेत्रों से गुजर रही नदियों में अवैध खनन रोकने के लिए अब वन विभाग सख्त कदम उठाएगा। वन मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश के बाद वन मुख्यालय ने इस संबंध में सभी वन प्रभागों को टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल के अनुसार यदि अवैध खनन में किसी कार्मिक की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उत्तराखंड में नदियों में अवैध खनन एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आया है।
राजस्व क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली नदियों में अवैध खनन से सरकार को राजस्व की हानि तो उठानी ही पड़ रही, नदी का रुख बदलने से बाढ़ और भूमि कटाव का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसी ही स्थिति वन क्षेत्रों से गुजरने वाली नदियों के मामले में है। वन क्षेत्रों में अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जगह तो ये बात भी सामने आई है कि खनन माफिया ने नदियों में वाहन ले जाने के लिए जंगल के बीच रास्ते तक बना डाले। इस सबको देखते हुए वन मंत्री ने हाल में हुई बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे वन क्षेत्रों में अवैध खनन रोकने को प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस कड़ी में अब प्रमुख मुख्य वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल ने सभी वन प्रभागों को निर्देश जारी किए हैं। सिंघल के मुताबिक अवैध खनन पर अंकुश के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं। हाल ही में विकासनगर क्षेत्र के तिमली में बड़ी कार्रवाई की गई। वहां के रेंजर व वन चौकी के स्टाफ को हटाया गया है। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक के अनुसार सभी प्रभागीय वनाधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीमें गठित करें, जो वन क्षेत्रों में नदियों पर लगातार नजर रखेंगी। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जरूरत पड़ने पर पुलिस व प्रशासन का सहयोग लिया जाए। खुफिया तंत्र को सशक्त बनाने को कहा गया है।



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