चंपावत में छात्र की मौत पर मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, मृतक बच्चे के परिजनों को दो लाख की सहायता।

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बुधवार को सुबह 10:40 बजे राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मौनकाण्डा, तहसील पाटी, जनपद चम्पावत के विद्यालय परिसर के खंडहर शौचालय की छत अचानक गिर जाने के कारण 01 छात्र की मौके पर मृत्यु तथा 05 छात्र-छात्रायें घायल हुए हैं। जनहित में उक्त दुर्घटना के सही तथ्यों की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर जिला मजिस्ट्रेट नरेन्द्र सिंह भण्डारी ने उप जिला मजिस्ट्रेट, पाटी रिंकु बिष्ट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

जांच अधिकारी को दुर्घटना के कारणों की जांच तत्काल पूर्ण कर अपनी जांच आख्या 15 दिन अन्तर्गत अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, डीएम चंपावत नरेंद्र सिंह भंडारी ने चंपावत जिला चिकित्सालय जाकर घायल बच्चों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से घायल बच्चों का अच्छे से उपचार करने के निर्देश दिए डीएम भंडारी ने कहा इस घटना पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौनकाण्डे में एक दुःखद घटना में विद्यालय में शौचालय की छत गिरने से कक्षा 03 में अध्ययनरत् एक छात्र की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सभी सरकारी स्कूल भवनों का निरीक्षण कर लिया जाए।

जहां जरूरी हो वहां भवनों के मरम्मत संबंधी काम करवा लिया जाए। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि कक्षाएं पूरी तरह से सुरक्षित भवनों में ही संचालित हो। उधर घटना की जानकारी देते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी, चम्पावत श्री जितेन्द्र सक्सेना ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौनकाण्डे में 14 सितंबर को एक दुःखद घटना में विद्यालय में कक्षा 03 में अध्ययनरत् छात्र चन्दन सिंह पुत्र गोधन सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। दुःख की इस घड़ी में विद्यालयी शिक्षा विभाग शोक संतप्त परिवार के साथ है।

विद्यालय में एक अन्य शौचालय भी बना हुआ था, जो कि छात्रों द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा था। जिस शौचालय की छत गिरने से दुर्घटना हुयी, यह निष्प्रोज्य (प्रयोग में नहीं) था। मध्यावकाश में खेल-खेल में विद्यार्थी उस निष्प्रयोज्य शौचालय की छत पर चढ़ गये, जिससे कि भार अधिक होने के कारण दुघर्टना घटित हुयी। दुर्घटना में घायल छात्र-छात्राओं का ईलाज तत्काल चिकित्सकों के द्वारा किया गया व अन्य सभी घायल छात्र छात्राएं खतरे से बाहर है।

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